Small Story In Hindi (बहुत छोटी कहानियाँ हिंदी में)

Small Story In Hindi (बहुत छोटी कहानियाँ हिंदी में)

1. आखिरी पड़ाव  

सुंदरबन के जंगलों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए बाघों का खतरा हमेशा बना रहता था, खासकर उन युवाओं के लिए जो लकड़ियाँ बटोरने जंगल जाते थे। इसलिए, उन्हें पेड़ों पर तेजी से चढ़ने और उतरने का खास प्रशिक्षण दिया जाता था। गाँव के एक बुजुर्ग, जिन्हें सब "बाबा" कहते थे, इस कला में माहिर थे और युवाओं को सिखाते थे।  

आज उनके प्रशिक्षण का आखिरी दिन था। बाबा ने कहा, "आज मैं देखना चाहता हूँ कि तुम लोग कितनी अच्छी तरह से सीख पाए हो। इस चिकने और लंबे पेड़ पर चढ़ो और फिर उतर कर दिखाओ।"  

पहला युवक तेजी से चढ़ा और ऊँचाई तक पहुँच गया। जब वह नीचे उतरने लगा और लगभग आधा उतर आया, तब बाबा बोले, "सावधान! आराम से उतरो... कोई जल्दबाजी मत करना।"  

युवक ने ध्यान से सुना और धीरे-धीरे उतर आया। इसी तरह बाकी युवकों ने भी अभ्यास किया, और हर बार बाबा ने आधा उतरने के बाद ही उन्हें सावधान रहने को कहा।  

युवकों को यह अजीब लगा। उनमें से एक ने पूछ ही लिया, "बाबा, सबसे कठिन हिस्सा तो ऊपर था, वहाँ चढ़ने और उतरने में सबसे ज्यादा मुश्किल थी। तब आपने कुछ नहीं कहा, लेकिन जब हम लगभग नीचे पहुँचने वाले थे, तब बार-बार सावधान रहने को कहा। ऐसा क्यों?"  

बाबा मुस्कुराए और बोले, "बेटे! जब हम सबसे कठिन हिस्से में होते हैं, तब हमें खुद ही एहसास होता है कि हमें सतर्क रहना चाहिए। लेकिन जब मंज़िल पास आने लगती है, तब हमें लगता है कि अब सब आसान है, और यहीं हम गलती कर सकते हैं। हम अति आत्मविश्वास में आकर सावधानी छोड़ देते हैं और यही सबसे खतरनाक होता है। इसलिए, जब भी अपने लक्ष्य के करीब पहुँचो, तब सबसे ज्यादा सतर्क रहो, ताकि अंतिम कदम पर कोई चूक न हो!"  

युवकों को आज ज़िंदगी की एक बहुत बड़ी सीख मिल गई थी।  

2. रंग का राज  

एक दिन बीरबल बादशाह अकबर के दरबार में देर से पहुँचे। वहाँ का नज़ारा देख कर वह चौंक गए—सब लोग हँस रहे थे, यहाँ तक कि बादशाह अकबर भी।  

बीरबल ने पूछा, "जहांपनाह, सब इतने खुश क्यों हैं?"  

अकबर मजाक के मूड में थे। वह बोले, "हम रंगों की बात कर रहे थे। देखो, हम सब गोरे हैं, सिर्फ तुम अकेले काले हो। जब तुम दरबार में आए, तो हमें हँसी आ गई!" बीरबल को यह सुनकर ज़रा भी बुरा नहीं लगा। वे तुरंत बोले, "जहांपनाह, शायद आप मेरे रंग का राज नहीं जानते।"  

अकबर ने उत्सुकता से पूछा, "कैसा राज, बीरबल?"  

बीरबल मुस्कुराए और बोले, "जब भगवान ने दुनिया बनाई, तो उन्होंने इंसानों को बुद्धि, रूप और धन में से कुछ भी चुनने का मौका दिया। मैंने अपना पूरा समय बुद्धि लेने में लगा दिया, इसलिए बाकी चीज़ें लेने का समय ही नहीं बचा। और आप सबने रूप और धन पर ध्यान दिया, इसलिए बुद्धि के लिए समय ही नहीं बचा!"  दरबार में सन्नाटा छा गया। जो लोग पहले बीरबल पर हँस रहे थे, वे अब खुद पर हँसने लगे। अकबर ठहाका मारकर हँस पड़े।  

सीख: इस Small Story इन हिंदी से हमें शिक्षा मिलती हैं कभी भी किसी को उसके रूप-रंग से मत आंकिए, असली खूबसूरती बुद्धि और समझदारी में होती है।  

3. सकारात्मक सोच का असर  

दो दोस्त एक जूते बनाने वाली कंपनी में काम करते थे। एक दिन, उनके बॉस ने उन्हें एक ऐसे गाँव में भेजा, जहाँ के लोग कभी भी जूते नहीं पहनते थे।  

पहला दोस्त गाँव में गया, चारों तरफ देखा और निराश हो गया। "अरे! यहाँ तो कोई जूते ही नहीं पहनता। मैं यहाँ कैसे बेचूँगा?" वह निराश होकर वापस लौट आया।  

दूसरा दोस्त भी गाँव में पहुँचा, लेकिन उसने वही चीज़ देखकर बिल्कुल अलग सोचा। "वाह! यहाँ तो किसी के पास जूते ही नहीं हैं। इसका मतलब, मेरे पास एक बड़ा बाज़ार है! अगर मैं लोगों को जूते की जरूरत समझा सका, तो यहाँ बहुत बिक्री हो सकती है!"  

उसने गाँववालों से बात की, उन्हें जूते पहनने के फायदे बताए, और जल्द ही उसके सारे जूते बिक गए।  

सीख: जीवन में सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि हम परिस्थितियों को किस नज़रिए से देखते हैं। सकारात्मक सोच हमें मौके दिलाती है, जबकि नकारात्मक सोच हमें हार मानने पर मजबूर कर देती है। इस Small kahani से हमें ये शिक्षा मिला।

4. सोच का फ़र्क  

एक अमीर आदमी था, जिसे अपनी दौलत पर बड़ा घमंड था। एक दिन उसकी आँखों में कोई एलर्जी हो गई। जलन इतनी बढ़ गई कि वह ठीक से देख भी नहीं पा रहा था।  

कई डॉक्टरों और वैद्यों को बुलाया गया, लेकिन कोई इलाज नहीं मिला। आखिर में एक बड़े डॉक्टर ने सलाह दी, "आपकी आँखों को बाकी सभी रंगों से एलर्जी हो गई है। आपको कुछ दिन सिर्फ हरा रंग ही देखना होगा।"  

अमीर आदमी ने तुरंत आदेश दिया कि उसके पूरे महल को हरे रंग में रंग दिया जाए। घर की दीवारें, फर्नीचर, कपड़े—सब हरे कर दिए गए। लेकिन जब भी वह बाहर जाता, कोई न कोई दूसरी चीज़ दिख ही जाती। इसलिए उसने पूरे शहर को हरे रंग में रंगने का फरमान दे दिया!  

उसी शहर में एक समझदार व्यक्ति भी रहता था। जब उसने यह सब देखा, तो वह अमीर आदमी के पास गया और बोला, "सेठ जी, इतना पैसा खर्च करने की ज़रूरत नहीं है। बस एक हरा चश्मा खरीद लीजिए, फिर आपको हर चीज़ हरी ही दिखेगी!"  

अमीर आदमी यह सुनकर हैरान रह गया। उसे समझ आया कि वह बेवजह अपना समय और पैसा बर्बाद कर रहा था।                              

सीख: Small story in hindi से हमें ये शिक्षा मिला, कई बार हमारी समस्याओं का हल बहुत आसान होता है, लेकिन हम उसे ढूंढने के बजाय बेकार के उपायों में उलझ जाते हैं। चीज़ों को बदलने से बेहतर है कि हम अपनी सोच बदलें!  

                             निष्कर्ष:

इन सभी कहानियों की एक ही सीख है, सोच और नजरिया हमारी ज़िंदगी को आकार देते हैं। मुश्किल वक्त में भी सही सोच हमें जीत की ओर ले जाती है। तो हमेशा सकारात्मक रहिए, सोच-समझकर फैसले लीजिए, और मंज़िल के करीब पहुँचकर कभी जल्दबाजी मत कीजिए!

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